Friday, November 21, 2008

सन्यास का अर्थ

'सन्यास का अर्थ है जीने के लिए मरना। वह मनुष्य के स्थूल स्वार्थी जीवन की पूर्ण मृत्यु है, जो साधारण व्यक्ति की तरह भौतिक क्षेत्र पर जीने का आदी हो चुका है। सन्यास एक नए जीवन का जन्म है जहां 'व्यक्ति' का अंत हो जाता है, और उसके विलक्षण व्यक्तित्व के नए जन्म के आवाहन में समग्र सृष्टि उसके समक्ष खड़ी हो जाती है और वह विश्व प्रेम का अद्भुत स्वरूप धारण कर लेता है। ऐसा करने के लिए वह घोषित करता है कि समग्र सृष्टि उसके भीतर है और किसी भी प्राणी को उससे डरने की ज़रूरत नहीं। वह इस धरती के सभी जीवों को अभयदान देता है क्योंकि वह और कुछ नहीं, सिर्फ प्रेम है, और कुछ नहीं, सिर्फ त्याग है। सन्यास दीक्षा समारोह के दौरान लिए गए प्रण के अनुसार उसके अंतर से करुणा उजागर होती है।

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